Cloud Zoom small image
˂
˃

Ruby Stone

Ruby Stone-218 Description: is good quality Ruby Stone for astrological purpose. It's weight is 10.48 Ratti / 9.43 Carat / 1886 mg. Gemstone total cost in India is (Rs. 8471).Rs.250/- will be charged for lab certificate.Total cost inside India is 218. It will bestow beneficial results to wearer. It's good gemstone for astrological purpose.

 

माणिक्य रत्न
 
वैदिक ज्योतिष के अनुसार माणिक्य रत्न के प्रभाव !
 
वैदिक ज्योतिष के अनुसार माणिक्य रत्न, सूर्य का प्रतिनिधित्व करता है!  इस रत्न पर सूर्य का स्वामित्व है! यह लाल या हलके गुलाबी रंग का होता है! यह एक मुल्वान रत्न होता है, यदि जातक की कुंडली में सूर्य शुभ प्रभाव में होता है तो माणिक्य रत्न धारण करना चाहिए, इसके धारण करने से धारण करता को अच्छे स्वास्थ्य के साथ साथ पद-प्रतिष्ठा, अधिकारीयों से लाभ प्राप्त होता है! शत्रु से सुरक्षा, ऋण मुक्ति, एवं आत्म स्वतंत्रता प्रदान होती है! माणिक्य एक भहुमुल्य रत्न है और यह उच्च कोटि का मान-सम्मान एवम पद की प्राप्ति करवाता है! सत्ता और राजनीती से जुड़े लोगो को माणिक्य अवश्य धारण करना चाहिए क्योकि यह रत्न सत्ता धारियों को एक उचे पद तक पहुचाने में बहुत सहायता कर सकता है!
 
माणिक्य धारण करने की विधि
 
यदि आप माणिक्य धारण करना चाहते है तो 5 से 7 कैरेट का लाल या हलके गुलाबी रंग का पारदर्शी माणिक्य ताम्बे की या स्वर्ण अंगूठी में जड्वाकर किसी भी शुक्लपक्ष के प्रथम रविवार के दिन सूर्य उदय के पश्चात् अपने दाये हाथ की अनामिका में धारण करे! अंगूठी के शुधिकरण और प्राण प्रतिष्ठा करने के लिए सबसे पहले अंगूठी को दूध, गंगाजल, शहद, और शक्कर के घोल में डुबो कर रखे, फिर पांच अगरबत्ती सूर्य देव के नाम जलाए और प्रार्थना करे की हे सूर्य देव मै आपका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आपका प्रतिनिधि रत्न धारण कर रहा हूँ! मुझे आशीर्वाद प्रदान करे ! तत्पश्चात अंगूठी को जल से निकालकर ॐ घ्रणिः सूर्याय नम: मन्त्र का जाप 108 बारी करते हुए अंगूठी को अगरबती के ऊपर से घुमाये और 108 बार मंत्र जाप के बाद अंगूठी को विष्णु या सूर्य देव के चरणों से स्पर्श करवा कर अनामिका में धारण करे! माणिक्य धारण तिथि से बारह दिन में प्रभाव देना प्रारंभ करता है और लगभग चार वर्ष तक पूर्ण प्रभाव देता है फिर निषक्रिय हो जाता है! अच्छे प्रभाव के लिए बन्कोक का पारदर्शी माणिक्य 5 से 7 कैरेट वजन में धारण करे! सस्ते और भद्दे रत्नों को धारण करने से लाभ के स्थान पर हानी हो सकती है ।
 
माणिक्य धारण करने से लाभ होगा या हानि?
 
<...Read More

Est. Delivery Time: 5 - 6 Working Days


Ruby Stone

Ruby Stone-218 Description: is good quality Ruby Stone for astrological purpose. It's weight is 10.48 Ratti / 9.43 Carat / 1886 mg. Gemstone total cost in India is (Rs. 8471).Rs.250/- will be charged for lab certificate.Total cost inside India is 218. It will bestow beneficial results to wearer. It's good gemstone for astrological purpose.

 

माणिक्य रत्न
 
वैदिक ज्योतिष के अनुसार माणिक्य रत्न के प्रभाव !
 
वैदिक ज्योतिष के अनुसार माणिक्य रत्न, सूर्य का प्रतिनिधित्व करता है!  इस रत्न पर सूर्य का स्वामित्व है! यह लाल या हलके गुलाबी रंग का होता है! यह एक मुल्वान रत्न होता है, यदि जातक की कुंडली में सूर्य शुभ प्रभाव में होता है तो माणिक्य रत्न धारण करना चाहिए, इसके धारण करने से धारण करता को अच्छे स्वास्थ्य के साथ साथ पद-प्रतिष्ठा, अधिकारीयों से लाभ प्राप्त होता है! शत्रु से सुरक्षा, ऋण मुक्ति, एवं आत्म स्वतंत्रता प्रदान होती है! माणिक्य एक भहुमुल्य रत्न है और यह उच्च कोटि का मान-सम्मान एवम पद की प्राप्ति करवाता है! सत्ता और राजनीती से जुड़े लोगो को माणिक्य अवश्य धारण करना चाहिए क्योकि यह रत्न सत्ता धारियों को एक उचे पद तक पहुचाने में बहुत सहायता कर सकता है!
 
माणिक्य धारण करने की विधि
 
यदि आप माणिक्य धारण करना चाहते है तो 5 से 7 कैरेट का लाल या हलके गुलाबी रंग का पारदर्शी माणिक्य ताम्बे की या स्वर्ण अंगूठी में जड्वाकर किसी भी शुक्लपक्ष के प्रथम रविवार के दिन सूर्य उदय के पश्चात् अपने दाये हाथ की अनामिका में धारण करे! अंगूठी के शुधिकरण और प्राण प्रतिष्ठा करने के लिए सबसे पहले अंगूठी को दूध, गंगाजल, शहद, और शक्कर के घोल में डुबो कर रखे, फिर पांच अगरबत्ती सूर्य देव के नाम जलाए और प्रार्थना करे की हे सूर्य देव मै आपका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आपका प्रतिनिधि रत्न धारण कर रहा हूँ! मुझे आशीर्वाद प्रदान करे ! तत्पश्चात अंगूठी को जल से निकालकर ॐ घ्रणिः सूर्याय नम: मन्त्र का जाप 108 बारी करते हुए अंगूठी को अगरबती के ऊपर से घुमाये और 108 बार मंत्र जाप के बाद अंगूठी को विष्णु या सूर्य देव के चरणों से स्पर्श करवा कर अनामिका में धारण करे! माणिक्य धारण तिथि से बारह दिन में प्रभाव देना प्रारंभ करता है और लगभग चार वर्ष तक पूर्ण प्रभाव देता है फिर निषक्रिय हो जाता है! अच्छे प्रभाव के लिए बन्कोक का पारदर्शी माणिक्य 5 से 7 कैरेट वजन में धारण करे! सस्ते और भद्दे रत्नों को धारण करने से लाभ के स्थान पर हानी हो सकती है ।
 
माणिक्य धारण करने से लाभ होगा या हानि?
 
लखनऊ। यदि सूर्य आपकी कुण्डली में प्रथम भाव में बैठा है तो उसकी सप्तम दृष्टि सातवें भाव पर पड़ती है। सातवॉ भाव जीवन साथी से सम्बन्धित होता है। इसलिए जातक के वैवाहिक सुख में बाधा आती है एंव स्वयं को क्रोध भी आता है।
 
किन्तु यह सूर्य आपके मान-सम्मान एंव पद-प्रतिष्ठा प्राप्त कराने में सहायक भी होता है। सूर्य के प्रथम भाव में होने पर माणिक्य रत्न पहने से शुभ व अशुभ दोनों प्रकार फल प्राप्त होते है।
 
आइये जानते है कि किस लग्न के जातक को माणिक्य पहनने से लाभ होगा एंव किसको हानि ?
 
मेष लग्न:इस लग्न में सूर्य पंचम भाव का स्वामी होकर लग्न में बैठा है। पंचम भाव बुद्धि, विद्या व सन्तान का कारक है। अतः माणिक्य धारण करने से बुद्धि, विद्या व धन लाभ होगा।वृष लग्न:इसमें सूर्य चौथे भाव का मालिक होकर लग्न स्थान में बैठा है। चौथा भाव वाहन, मकान, माता, जायदाद व सुख आदि का होता है। माणिक्य पहनने से इन सब चीजों का सुख मिलेाग।मिथुन लग्न: इस कुण्डली में सूर्य तृतीयेश होकर लग्न में स्थित है। तृतीय भाव साहस व पराक्रम का होता है। सूर्य के लग्न में होने से जातक अद्धभुत पराक्रम की क्षमता रखता है। वह बड़े-बड़े कार्यो को अपने हाथ में ले लेता है। अतः ऐसे व्यक्ति को कामयाब होने के लिए माणिक्य पहनना लाभप्रद साबित होता है।
 
कर्क लग्न: इस कुण्डली में सूर्य दूसरे घर का मालिक होता है। दूसरा भाव वाणी, परिवार, ससुराल व प्रोफेशनल शिक्षा का कारक होता है। माणिक्य पहने से नौकरी में प्रमोशन, शिक्षा में सफलता, परिवार व ससुराल में सम्मान, वाणी में गजब का निखार व धन की प्राप्ति होती है।सिंह लग्न:इस जन्मपत्री में सूर्य लग्नाधिपति होकर लग्न में ही बैठा है। माणिक्य पहनने से दीर्घायु, शरीर में निरोगता, धन-धान्य में वृद्धि होती है एंव जातक कुलदीपक होकर परिवार का नाम रोशन करता है।कन्या लग्न:सूर्य 12वें भाव का मालिक होकर लग्न में बैठा है। बारहवॉ भाव व्यय, अस्पताल का, ऑख का, नींद का होता है। अतः इस लग्न वाले जातकों को माणिक्य नहीं धारण करना चाहिए अन्यथा खर्चो में वृद्धि होती है, आस्पताल का आना-जाना लगा रह सकता है और नींद आदि में कमी आ सकती है।
 
तुला लग्न-इस लग्न में सूर्य 11वें भाव का मालिक रहेगा। 11वें भाव लाभ व मित्रता से सम्बन्धित होता है। अतः माणिक्य धारण करने से मित्रों के साथ सम्बन्ध अच्छे होते है एंव हर प्राकर लाभ की सम्भावना बढ़ती है।वृश्चिक लग्न-इस कुण्डली में सूर्य दसवें भाव का स्वामी रहेगा। दसवॉ भाव राजनति, पद-प्रतिष्ठा, जीविका आदि का कारक होता है। इसलिए माणिक्य पहनने से सरकारी नौकरी मिल सकती है, सरकारी ठेके मिल सकते है, राजनीति में सफलता मिल सकती है व कुछ लोगों को उच्च पद की प्राप्ति हो सकती है।धनु लग्न-इस कुण्डली में सूर्य भाग्येश होकर प्रथम भाव में बैठा है। अतः माणिक्य धारण धर्म-कर्म में रूचि बढ़ेगा, विदेश की यात्रा करने का सौभाग्य प्राप्त होगा, भाग्य पक्ष में मजबूती आयेगी, व पिता के सम्बन्धों में मधुरता आयेगी।
 
मकर लग्न-इस कुण्डली में सूर्य अष्टमेश होने के कारण अशुभ हो जाता है। इसलिए माणिक्य धारण करना लाभप्रद नहीं। माणिक्य पहनने से शरीर में रोग बढ़ते है एंव ससुराल पक्ष से रिश्ते खराब होते है।कुम्भ लग्न-सूर्य सप्तमेश होने के कारण मारक हो जाता है। किन्तु प्रथम भाव में होने से सप्तम स्थान पर दृष्टि पड़ती है जिससे पति-पत्नी के सुख में वृद्धि होती है। केन्द्र का मालिक होने से सूर्य शुभ हो जाता है। अतः माणिक्य पहनना लाभप्रद है।
 
मीन लग्न- इस कुण्डली में सूर्य षष्ठेश होकर लग्न भाव पर कब्जा किये हुये है। छठा भाव रोग, शत्रु व विरोधियों का होता है। माणिक्य पहनने से रोग में वृद्धि होगी व शत्रुओं का आतंक बढ़ेगा इसलिए इस कुण्डली वाले जातक माणिक्य न धारण करें।

The Tathastoo.com

we provides wide range of astrological services like online horoscope making & matching, online astrology consultancy for all problems.

------- Speak to our team today -------

info@thetathastoo.com | Call: +9185880 32669